Drilling and Reaming MCQ in hindi

Drilling and Reaming Objective Questions in Hindi

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Drilling and Reaming

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1. निम्नलिखित कुलेंटों में से किसका प्रयोग एल्युमीनियम वर्कपीस को रीमिंग करने के लिए किया जाता है –
(क) मिट्टी का तेल 
(ख) पानी
(ग) हवा का प्रैशर 
(घ) लार्ड आयल
Ans:-(क)

2. ट्विस्ट ड्रिल का प्वाइंट ऐंगल किस पर निर्भर करता है –
(क) कटिंग स्पीड
(ख) ड्रिलिंग मशीन का प्रकार
(ग) डिल का साइज
(घ) ड्रिल की जाने वाली धातु
Ans:- (घ)

3. साधारण कार्यों के लिए ट्विस्ट ड्रिल का प्वाइंट ऐंगल होता
(क)135°
(ख)180°
(ग) 90°
(घ) 60°
Ans:- (ख)

4. कटिंग लिप्स के पीछे की ओर दिए गए रिलीफ ऐंगल को कहते हैं –
(क) लिप क्लीयरेंस ऐंगल 
(ख) हेलिक्स ऐंगल
(ग) रेक ऐंगल
(घ) चीजल ऐज ऐंगल
Ans:- (क)

5. एक हैंड रीमर द्वारा 10 मिमी. व्यास वाले होल को फिनिश करना है। रीमिंग के लिए आवश्यक होल का साइज होना चाहिए –
(क) 9.75 मिमी 
(ख) 9.50 मिमी
(ग) 9.25 मिमी 
(घ) 9.00 मिमी०
Ans:-(क)

6. सॉकेट हैड स्क्रू के हैड को स्थान देने के लिए पहले बने सुराख के सिरे को बड़ा करने वाले प्रोसेस को कहते हैं –
(क) स्पॉट फेसिंग 
(ख) बोरिंग
(ग) काउंटर बोरिंग 
(घ) काउंटर सिंकिंग
Ans:- (ग)

7. पहले बने सुराख के सिरे की बैवलिंग करने वाले प्रोसेस को कहते हैं –
(क) स्पॉट फेसिंग 
(ख) बोरिंग
(ग) काउंटर बोरिंग 
(घ) काउंटर सिंकिंग
Ans:- (घ)


8. होल को फिनिश करने और थोड़ा सा बड़ा करने वाले कटिंग टूल को कहते हैं –
(क) ड्रिल
(ख) टैप
(ग) डाई
(घ) रीमर
Ans:- (घ)

9. निम्नलिखित में से किस धातु को रीमिंग करते समय कुलेंट की आवश्यकता नहीं होती है-
(क) एल्युमीनियम 
(ख) कास्ट आयरन
(ग) कॉपर
(घ) स्टील
Ans:- (ख)

10. ट्विस्ट ड्रिल की बॉडी की सम्पूर्ण लम्बाई पर बने ग्रूव्स को कहते हैं –
(क) लिप्स
(ख) फ्लूट्स
(ग) मार्जिन
(घ) वैब्स
Ans:- (ख)

11. मशीन के स्पिण्डल की नोज से टेपर शैंक वाले टूल्स को निकालने के लिए वैज जैसा एक टूल प्रयोग में लाया जाता है। इसे क्या कहते हैं –
(क) ड्रिल चक
(ख) ड्रिल ‘की’
(ग) ड्रिल सॉकेट 
(घ) ड्रिल ड्रिफ्ट
Ans:- (घ)

12. एक होल जो कि कम्पोनेंट की पूरी गहराई तक आरपार नहीं बनाया जाता, को कहते हैं –
(क) कोर होल
(ख) ब्लाइंड होल
(ग) पिन होल
(घ) बोर होल
Ans:- (ख)

13. किस कारण से किया हुआ सुराख सेंटर से आउट हो जाता है-
(क) वर्कपीस की क्लेम्पिंग सही न होना
(ख) वर्कपीस में ब्लो होल होना
(ग) ड्रिल के चीजल ऐज को सही बैठाने के लिए सेंटर        पंच के निशान की गहराई कम होना
(घ) उपरोक्त में से कोई एक
Ans:- (घ)

14. मशीन के स्पिण्डल से टेपर शैंक ड्रिलों को निकालने के लिए किस साधन का प्रयोग किया जाता है –
(क) हैमर
(ख) फाइल की टैग
(ग) पंच
(घ) ड्रिफ्ट
Ans:- (घ)

15. मशीन के  स्पिंडल पर ड्रिल चॉकों को किस साधन के द्वारा पकड़ा जाता है –
(क) आर्बर
(ख) ड्रिफ्ट
(ग) ड्रा-इन-बार
(घ) चक नट
Ans:- (क)

16. ड्रिल स्लीव का प्रयोग तब किया जाता है जब ड्रिल की टेपर शैंक –
(क) मशीन के स्पिण्डल की अपेक्षा छोटी होती है
(ख) मशीन के स्पिण्डल की अपेक्षा बड़ी होती है
(ग) मशीन के स्पिण्डल के बराबर होती है
(घ) उपरोक्त में कोई नहीं
Ans:- (क)

17. साधारण कार्यों के लिए ट्विस्ट ड्रिल का लिप क्लीयरेंस ऐंगल होना चाहिए –
(क)3 से 5°
(ख)4 से 8°
(ग) 8 से 12°
(घ) 12 से 15°
Ans:- (घ)

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18. माइल्ड स्टील प्लेट पर ड्रिलिंग करने के लिए उपयुक्त कटिंग फ्लूइड होता है –
(क) सोल्युबल ऑयल
(ख) पानी
(ग) कम्प्रैस्ड ऐअर
(घ) सूखा
Ans:- (क)

19. एक सम्पूर्ण चक्कर में ड्रिल जॉब के अन्दर जितनी दूरी तक आगे बढ़ जाता है उसे कहते हैं –
(क) चक्कर प्रति मिनट 
(ख) कटिंग स्पीड
(ग) फीड
(घ) मशीन स्पीड
Ans:- (ग)

20. निम्नलिखित में से किस का प्रयोग 12 मिमी. से कम व्यास के ड्रिल को पकड़ने के लिए किया जाता है –
(क) स्लीव
(ख) सॉकेट
(ग) ड्रिल चक 
(घ) ड्रिल ड्रिफ्ट
Ans:- (ग)

21. फीड की दर किस पर निर्भर करती है –
(क) आवश्यक फिनिश
(ख) टूल (ड्रिल) की धातु
(ग) ड्रिल की जाने वाली धातु
(घ) उपरोक्त सभी
Ans:- (घ)

22. M 10×1.5 वाले स्क्रू के लिए एक नट बनाना है। ड्रिल किए हुए होल का साइज कितना होना चाहिए –
(क) 8.5 मिमी 
(ख) 9.0 मिमी.
(ग) 9.5 मिमी 
(घ) 10.0 मिमी.
Ans:- (क)

23. ड्रिलिंग मशीन पर कार्य करते समय कटिंग स्पीड का चयन करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा साधन प्रभावित नहीं करता है-
(क) जाँच की चौड़ाई
(ख) जॉब का मैटीरियल
(ग) टूल का मैटीरियल
(घ) किया जाने वाला आपरेशन
Ans:- (क)

24. रीमर के दांतों और उनकी स्पेसिंग को इस प्रकार डिजाइन किया जाता है कि वे सुराखों को अधिक परिशुद्धता में अच्छी सरफेस फिनिश दे सके। दांतों की संख्या और उनकी स्पेसिंग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है –
(क) दांतों की असम संख्या और असम स्पेसिंग
(ख) दांतों को असम संख्या और सम स्पेसिंग
(ग) दांतों की सम संख्या और असम स्पेसिंग
(घ) दांतों की सम संख्या और सम स्पेसिंग
Ans:- (ग)

25. ड्रिल ग्राइंडिंग गेज का कोण होता है –
(क)59°
(ख) 118°
(ग) 121°
(घ) 124°
Ans:- (ग)

26. 20 मिमी. व्यास वाले ड्रिल की टेपर गैंक पर होता है –
(क) MT-1 टेपर
(ख) MT-2 टेपर
(ग) MT-3 टेपर 
(घ) MT-4 टेपर
Ans:- (ख)

27. एक अक्षीय होल वाले शार्ट रीमर को मेंडल या आर्बर के साथ प्रयोग किया जाता है, इसे कहते हैं –
(क) पैरेलल रीमर 
(ख) एडजस्टेबल रीमर
(ग) एक्सपेंशन रीमर 
(घ) चकिंग रीमर
Ans:- (घ)

28. प्राय: ट्विस्ट ड्रिल का मेटीरियल होता है –
(क) हाई स्पीड स्टील 
(ख) कार्बाइड स्टील
(ग) डायमण्ड
(घ) कास्ट आयरन
Ans:- (क)

29. काउंटर बोरिंग की जाती है –
(क) होल के सिरों से बरं साफ करने के लिए
(ख) होल को परिशुद्ध साइज में बड़ा करने के लिए
(ग) कोर्ड होल को फिनिश करने के लिए
(घ) सॉकेट हैड स्क्रू को स्थान देने के लिए
Ans:- (घ)

30. जब एक ट्विस्ट ड्रिल, जॉब पर रफ सुराख बनाता है तो इसका संभावित कारण कौन सा है –
(क) क्लीयरेंस ऐंगल बहुत अधिक है
(ख) क्लीयरेंस ऐंगल बहुत कम है
(ग) कटिंग स्पीड बहुत कम है।
(घ) फीड की दर बहुत अधिक है
Ans:- (घ)

31. यदि ड्रिल में क्लीयरेंस ऐंगल बढ़ा देते हैं तो क्या परिणाम होगा-
(क) खराब वैजिंग ऐक्शन 
(ख) कमजोर कटिंग ऐज
(ग) होल की रफ सरफेस 
(घ) बढ़ा हुआ प्वाइंट ऐंगल
Ans:- (ख)

32. किसी रीमर किए होल में खराब फिनिश आती है। निम्नलिखित में से इस दोष का कौन सा कारण है –
(क) बोर किए सुराख में अपर्याप्त. रीमिंग एलाउंस देना
(ख) अत्यधिक कटिंग स्पीड
(ग) जॉब के लिए गलत रीमर को चुनना
(घ) अपर्याप्त कुलेंट सप्लाई
Ans:- (क)


33. निम्नलिखित ड्रिलिंग मशीनों में से किस का प्रयोग वहां पर किया जाता है जहां पर बिजली उपलब्ध नहीं होती है –
(क) बैंच ड्रिलिंग मशीन 
(ख) पिलर ड्रिलिंग मशीन
(ग) रेडियल ड्रिलिंग मशीन 
(घ) रैचेट ड्रिलिंग मशीन
Ans:- (ख)

34. निम्नलिखित रीमर्स में से विशेषतया कौन सा रीमर ऐसे होल के लिए उपयुक्त होता है जिसमें ‘की वे’ ग्रूव बना हो –
(क) स्ट्रेट फ्लूटिड रीमर
(ख) हेलिकल फ्लूटिड रीमर
(ग) टेपर रीमर
(घ) पायलट रीमर
Ans:- (घ)

35. निम्नलिखित रीमर्स में से कौन सा रीमर जब टेल स्टॉक पर फिट किया जाता है तो थोड़े से मिस-अलाइनमेंट के लिए स्वयं समायोजित हो सकता है-
(क) पैरेलल रीमर 
(ख) टेपर रीमर
(ग) एडजस्टेबल रीमर 
(घ) फ्लोटिंग रीमर
Ans:- (घ)

36. मशीन रीमर की अपेक्षा हैंड रीमर कैसे भिन्न है –
(क) कटिंग ऐजों के लिए बड़ी बैवल लीड
(ख) कटिंग दांतों की अधिक संख्या
(ग) कटिंग दांतों की कम संख्या
(घ) कटिंग ऐजों की असमान स्पेसिंग
Ans:- (क)

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